बुधवार, 24 अप्रैल 2019

बैंक खातों के प्रकार (Types of bank accounts in hindi)

करंट एकाउंट (चालू खाता) - यह खाता आम तौर पर व्यापारियों के लिए होता है। उनके आमतौर पर दैनिक कई लेन-देन होते हैं। इस खाते के तहत, निकासी की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है और इसलिए व्यापारियों के लिए सबसे उपयुक्त है। ऐसे खातों पर बैंकों द्वारा कोई ब्याज भुगतान नहीं किया जाता है। कुछ चालू खाताधारकों को ओवरड्राफ्ट सुविधा भी दी जाती है। ओवरड्राफ्ट ग्राहक को  दिए गए अस्थायी ऋण की तरह होता है ।प्रत्येक पात्र ग्राहक के लिए ओवरड्राफ्ट की राशि पर एक ऊपरी सीमा होती है, जो बैंक द्वारा ग्राहक के पिछले रिकॉर्ड और बैंक के साथ ग्राहक के संबंधों के आधार पर तय की जाती है।ग्राहक को चालू खाते के लिए चेक बुक सुविधा मिलती है

सेविंग्स एकाउंट (बचत खाता) - यह खाता आम जनता खासकर वेतनभोगी लोगों के लिए होता है। बचत खाते का मुख्य उद्देश्य लोगों में बचत की आदत को विकसित करना है। बचत खाते पर बैंकों द्वारा ब्याज का भुगतान भी किया जाता है। ब्याज दर आवर्ती या सावधि जमा खाते पर दी जाने वाली ब्याज दर से कम होता है। बचत खातों में मासिक निकासी की संख्या पर एक ऊपरी सीमा होती है और इसलिए इस तरह के खाते व्यवसायियों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। आम तौर पर ग्राहकों को खाते में एक निश्चित न्यूनतम शेष राशि रखने की आवश्यकता होती है। बचत खाते पर कोई ओवरड्राफ्ट सुविधा नहीं दी जाती है। बचत खाताधारक को चेक बुक सुविधा दी जाती है।

रेकरिंग डिपाजिट (आवर्ती जमा) खाता - इस प्रकार का खाता को संचयी समय जमा खाता भी कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग में बचत की आदत डालना है। इस प्रकार के खाते में खाताधारक को हर महीने एक छोटी लेकिन निश्चित राशि (जैसे कि 50 रुपये, 100 रुपये, 500 रुपये की राशि) जमा करनी होती है।एकाउंट की अवधि समाप्त होने पर ब्याज के साथ जमा की गई मूल राशि खाताधारक को वापस कर दी जाती है। चेकबुक सुविधा रेकरिंग डिपाजिट के खाताधारक को नहीं दी जाती है।
हालांकि, वे एक पासबुक प्राप्त करते हैं जो प्रत्येक महीने  के लिए ब्याज राशि के साथ जमा राशि को दर्शाता है।

फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट - इस प्रकार के खाते के तहत, खाताधारक एक बड़ी राशि निर्धारित समय की अवधि (आम तौर पर 3 महीने से 10 साल) के लिए खाते में जम्मा करवा देता है। ग्राहक इस अवधि के दौरान राशि वापस नहीं ले सकता। हालांकि वो अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट पे अस्थायी ऋण ले सकता है। निश्चित अवधि के अंत में, ग्राहक या तो अपनी फिक्स्ड डिपाजिट का नवीनीकृत कर सकता है या ब्याज के साथ मूल रकम वापस ले सकता है। इस खाते में खाताधारक को अन्य सभी प्रकार के खातों से ज्यादा ब्याज दर मिलता है। इस प्रकार के खाते में पासबुक या चेक बुक की सुविधा नहीं होती है। ग्राहक को फिक्स्ड डिपॉजिट रिसीप्ट (एफडीआर) मिलती है। फिक्स्ड डिपाजिट रिसीप्ट जमा की गई राशि का प्रमाण होती है।

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