मंगलवार, 7 मई 2019

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana - Explained in Hindi)

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना 60 वर्ष से अधिक उम्र के सेवानिवृत्त लोगों के लिए एक पेंशन योजना है। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए है

यह योजना भारत के एलआईसी के तहत संचालित है और इस पालिसी को ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों तरीकों से खरीदा जा सकता है।

(पेंशन)भुगतान के विकल्प- मासिक, त्रैमासिक, छमाही और वार्षिक।

पॉलिसी की अवधि 10 वर्ष है।

इस योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को मासिक पेंशन विकल्प चुनने पर 10 वर्षों के लिए 8% की गारंटीशुदा रिटर्न मिलेगा। अगर वार्षिक पेंशन विकल्प चुने तो 10 वर्षों के लिए 8.3% की गारंटीशुदा रिटर्न मिलेगा


योजना के लाभ:

- अधिकतम प्रवेश की उम्र पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है।

- वरिष्ठ नागरिकों को गारंटीशुदा पेंशन का लाभ।

- यह योजना परिपक्वता पर खरीद मूल्य की वापसी का लाभ प्रदान करती है।

खरीदी मुल्य: न्यूनतम Rs. 1,50,000, अधिकतम Rs. 15,00,000 

समर्पण मूल्य (Surrender Value): आप समय से पहले पालिसी सरेंडर कर सकते हैं और आपको खरीदी मुल्य की 98% राशि वापस मिल जाएगी। 

- पेंशन भुगतान एनईएफटी या आधार लिंक्ड भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाता है।

- यह योजना प्रति वर्ष 8% से 8.3% तक का सुनिश्चित रिटर्न प्रदान करती है।

मृत्यु लाभ (Death Benifit):
पॉलिसीधारक की मृत्यु पॉलिसी अवधि (10 साल)के भीतर होने की स्थिति में, पॉलिसीधारक के नॉमिनी को खरीद राशि प्रदान की जाएगी।

परिपक्वता लाभ (Maturity Benifit):

यदि पालिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु नहीं होती, तो उसे परिपक्वता लाभ मिलता है। पॉलिसी धारक अंतिम पेंशन किस्त के साथ पॉलिसी का खरीद मूल्य प्राप्त करता है।

पात्रता की शर्तें और अन्य प्रतिबंध:
-आवेदक भारत का निवासी होना चाहिए।
-आवेदक की आयु कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए।
-योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कोई अधिकतम आयु नहीं है।
-कोई भी आवेदक जो सेवानिवृत्ति के बाद काम करना जारी रखता है, योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है।

पेंशन भुगतान:

-पेंशन भुगतान के विभिन्न तरीके हैं जो मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक और वार्षिक हैं।

-लाभार्थी को पेंशन NEFT के माध्यम से भेजी जाती है।
-लाभार्थी द्वारा चुने गए (पेंशन)भुगतान के विकल्प के आधार पर पेंशन की पहली किस्त का भुगतान 1 महीने, 3 महीने, 6 महीने या 1 साल के बाद किया जाएगा।
-खरीद की तारीख के आधार पर पेंशन प्रदान की जाएगी।

ऋण का लाभ: 3 पॉलिसी वर्षों के पूरा होने के बाद, लाभार्थी द्वारा ऋण सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। अधिकतम ऋण जो दिया जा सकता है वह खरीद मूल्य का 75% तक है। ऋण पर लगाए गए ब्याज की दर समय-समय पर निर्धारित होती है। पॉलिसी के तहत देय पेंशन राशि से ब्याज राशि में कटौती करके ऋण चुकौती की जाएगी। हालाँकि, ऋण बकाया को निकास के समय दावे की आय से वसूल किया जाएगा।



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